रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बुधवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 6 अक्टूबर तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया। इसी मामले में आरोपी दीपेन चावड़ा को 29 सितंबर तक रिमांड पर भेजा गया है। अब जांच एजेंसी चैतन्य से 13 दिन और दीपेन से 6 दिन तक पूछताछ करेगी।
एसीबी-ईओडब्ल्यू ने चैतन्य की गिरफ्तारी के लिए विशेष अदालत में आवेदन दाखिल किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए चैतन्य ने पहले हाईकोर्ट और फिर स्पेशल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन दोनों जगह से यह याचिकाएं खारिज हो गईं। इसके बाद उन्होंने दोबारा हाईकोर्ट का रुख किया, मगर बुधवार को वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।
इस बीच, चैतन्य ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। बता दें, ED ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। तब से वे जेल में हैं।
बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को तीन महीने और ईओडब्ल्यू को दो महीने के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि चैतन्य की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के दौरान सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया गया था कि तीन महीने में विवेचना पूरी कर ली जाएगी।




