तेहरान। इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। इजरायल की ओर से ईरान के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। इस संकट के बीच लगभग चार हजार भारतीय छात्र, जो मुख्य रूप से मेडिकल की पढ़ाई के लिए तेहरान और अन्य शहरों में रह रहे हैं, वहां फंसे हुए हैं।
राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम रघुवंशी की कॉल डिटेल से बड़ा खुलासा, संजय वर्मा पर शक गहराया
भारत सरकार ने इन छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार रात कश्मीर के 90 छात्रों को आर्मेनिया होते हुए नई दिल्ली लाया जा रहा है। इनमें उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के कई छात्र भी शामिल हैं। एयरपोर्ट पर मौजूद छात्रों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे सुरक्षित लौटकर बेहद खुश हैं।
स्कूल खुले, लेकिन शिक्षक नदारद… आकस्मिक निरीक्षण में तीन स्कूलों में लटके मिले ताले, 19 शिक्षक-कर्मचारियों को नोटिस जारी
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। कुछ छात्रों को तेहरान से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ईरान के संवेदनशील इलाकों से निकलकर सुरक्षित क्षेत्रों में चले जाएं। साथ ही, मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने एक हेल्प सेंटर भी शुरू किया है, जो भारत में मौजूद परिजनों और ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता करेगा।




