दुर्ग। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के करीब 850 कर्मचारियों की हड़ताल 14वें दिन भी जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के हालिया आदेश के बाद कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया है। आदेश में चेतावनी दी गई थी कि हड़ताल नहीं खत्म करने पर कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जा सकती है।
इस आदेश के विरोध में एनएचएम पुरुष कर्मचारियों ने अपना सिर मुंडवाया और सोमवार को CMHO कार्यालय में आदेश की कॉपी फाड़ने की तैयारी की है। एनएचएम कर्मचारी संघ के दुर्ग जिला अध्यक्ष डॉ. आलोक शर्मा ने कहा, हम CMHO के दमनकारी आदेश के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे और सभी कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
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आदेश की मुख्य बातें
CMHO ने 29 अगस्त को आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि 13 अगस्त को स्टेट हेल्थ सोसाइटी की कार्यकारिणी समिति की बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्य पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा नियमानुसार उनकी सेवा समाप्त करने की अनुशंसा की जाएगी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की मांगों में संविलियन और स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड-पे निर्धारण, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल और अन्य अवकाश की सुविधा, स्थानांतरण नीति और 10 लाख तक केशलैस चिकित्सा बीमा सुविधा शामिल हैं।
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स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
हड़ताल के चलते जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण अभियान पर असर पड़ा है, जबकि कई स्वास्थ्य शिविर स्थगित किए गए हैं। सामान्य मरीजों को इलाज में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे काम पर लौट आएं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सामान्य हो सके। हालांकि कर्मचारी अपनी सभी मांगों के समाधान तक हड़ताल जारी रखने के पक्ष में हैं।




