रायपुर/बिलासपुर। भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन इस वर्ष भी केंद्रीय जेल में विशेष भावनात्मक माहौल के साथ मनाया जाएगा। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बहनें जेल में निरूद्ध अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी। छत्तीसगढ़ शासन के जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं मुख्यालय द्वारा रक्षाबंधन को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिसके अनुसार केंद्रीय जेल प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
रक्षाबंधन के अवसर पर जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। जेल प्रशासन ने जेल परिसर के भीतर और बाहर टेंट व बांस-बल्लियों से बेरिकेड्स लगाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि बहनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
इसके अलावा, जेल प्रशासन ने सुरक्षा के लिए 100 अतिरिक्त जवानों की मांग की है। इसमें पुलिस प्रशासन से 30 महिला और पुरुष जवानों के अलावा होमगार्ड से 20-20 महिला व पुरुष जवानों की मांग की गई है। जेल का स्टाफ भी अतिरिक्त सतर्कता बरतेगा।
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3009 बंदियों को राखी बांधेंगी बहनें
केंद्रीय जेल में वर्तमान में कुल 3009 बंदी हैं। रक्षाबंधन के दिन अनुमानित 6,000 से अधिक बहनों के आने की संभावना है, जो अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचेंगी। यह दिन जेल के बंदियों और उनके परिवारों के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखता है। राखी बांधते समय कई बंदी भावुक हो उठते हैं और उनकी आंखें भर आती हैं।
सख्त गाइडलाइन: केवल राखी और सोनपापड़ी की अनुमति
इस बार रक्षाबंधन पर बहनें जेल परिसर में केवल राखी और 200 ग्राम सूखी सोनपापड़ी ही लेकर जा सकेंगी। किसी भी प्रकार के अन्य खाद्य पदार्थ, रुपये, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या ज्वलनशील वस्तुएं ले जाना सख्त रूप से प्रतिबंधित है।
मेडिकल टीम भी रहेगी तैनात
जेल परिसर में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल और फार्मेसी की टीमें भी तैनात रहेंगी। साथ ही, वन विभाग से टेंट और बांस-बल्लियों की मांग की गई है ताकि व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।




