रायपुर। नगर निगम रायपुर ने आगामी मानसून को देखते हुए बारिश से पहले ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सभी जोन कमिश्नरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी हालत में शहर के किसी हिस्से में जलभराव नहीं होना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस
नगर निगम ने उन क्षेत्रों की पहचान की है जहां हर साल भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है। महापौर ने जोन 1 से लेकर जोन 10 तक के ऐसे संवेदनशील इलाकों की सूची जारी की है, जिनमें लक्ष्मी धर्मकांटा, गंगा नगर, कोयला बस्ती, रामेश्वर नगर, ब्रह्मदेयी पारा, देवेंद्र नगर, फाफाडीह, गांधी नगर, कनाल रोड, अरमान नाला, गद्दा लाइन, मिलेनियम चौक, आछी तालाब, गोकुल नगर, अटल आवास और दया नगर प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और पहले से सफाई कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्थानीय निरीक्षण और तत्परता के आदेश
महापौर और आयुक्त ने कहा है कि प्रत्येक जोन कमिश्नर को अपने क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि नालों की सफाई, अवरुद्ध जल निकासी मार्गों की मरम्मत और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय रहते पूरी हो।
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आपातकालीन संसाधनों की तैयारी
नगर निगम ने सभी जोन कार्यालयों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इनमें ड्रेनेज मशीनें, पंप, बालू-बजरी, पाइप, बोल्डर, आपातकालीन वाहन और मजदूरों की विशेष टीमें शामिल हैं, जो किसी भी स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू कर सकेंगी।
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जनता को नहीं होगी परेशानी, तय होगी जवाबदेही
आयुक्त विश्वदीप ने साफ कहा है कि जनता को किसी भी हालत में जलभराव जैसी समस्याओं से नहीं जूझने दिया जाएगा। यदि कहीं जलभराव की स्थिति बनती है, तो संबंधित क्षेत्र के जोन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।




