Statement of MP Chandrashekhar Azad: छत्तीसगढ़ के रायपुर में भीम आर्मी चीफ और यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि, अगर आज के बाद सतनामी समाज के लोगों के साथ अन्याय हुआ, तो दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में एक भी मंत्री को ठहरने नहीं देंगे। एयरपोर्ट से छत्तीसगढ़ भवन तक अपने हिसाब से स्वागत करेंगे।
दरअसल, बलौदाबाजार हिंसा मामले में जेल में बंद लोगों की रिहाई को लेकर रायपुर के साइंस कालेज मैदान में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी ने जनसभा का आयोजन किया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि, आज जो लोग जेल में है, उन लोगों ने आपके हितों की रक्षा की है। जब वो बाहर आएंगे तो फूल से उनका स्वागत करेंगे। आने वाले दिनों में हरियाणा और जम्मू चुनाव होने के बाद संसद का सत्र है।
जेल से रिहा नहीं हुए तो छग में कदम नहीं रखूंगा
Statement of MP Chandrashekhar Azad: अगर अक्टूबर तक सतनामी समाज के लोगों को जेल से रिहा नहीं किया गया, तो मैं छत्तीसगढ़ में कदम नहीं रखूंगा। अगर हमें भूख हड़ताल करनी पड़ी, प्रदर्शन करना पड़ा, सड़कों पर उतरना पड़ा तो हम सब कुछ करेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं छत्तीसगढ़ में कभी अपनी शक्ल नहीं दिखाऊंगा।
अब आर-पार की लड़ाई
चंद्रशेखर ने कहा कि, मैं आपकी ताकत को जनता हूं। एक इशारा कर दूं तो छत्तीसगढ़ बंद हो जाएगा। लेकिन मैं चाहता हूं आप लोग संवैधानिक रूप से चलें। मैं वादा करता हूं। एक महीने में हरियाणा जम्मू का चुनाव हो जाएगा। 1 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ भवन का घेराव करेंगे। जब तक जेल में बंद लोग छूटेंगे नहीं आंदोलन करेंगे। अब आर-पार की लड़ाई है।
11 तारीख को दिल्ली में रैली है, वहां भी इस मुद्दे को उठाएंगे। आप लोग भी रैली में शामिल हों। नवजवान साथियों से अनुरोध है कि बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचे।
प्रशासन याद रखे, सरकारें पलटते रहती हैं
Statement of MP Chandrashekhar Azad: चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में सामान्य वर्ग के लोग फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी कर रहे हैं। उसकी जांच कर भंडाफोड़ किया जाए। जाति प्रमाण-पत्र के 50 साल पुराने दस्तावेज मांगे जाते हैं, वो व्यवस्था खत्म की जाए। पुलिस और प्रशासन लोगों से कहना चाहता हूं कि आंदोलन करने वालों को डराया जाता है। प्रशासन के लोग याद रखे। सरकारें पलटती रहती हैं।
कहीं ऐसा न हो सरकार कमजोर वर्ग के हाथ में आ जाए। रिटायरमेंट के बाद भी जांच करवा सकते हैं। भीम आर्मी की मांगें और ज्ञापन पढ़ रहा हूं। एक वचन दे रहा हूं, जुबान दे रहा हूं, वरना कभी लौटकर छत्तीसगढ़ नहीं आऊंगा। इसे लेकर भीम आर्मी ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा।
भीम आर्मी ने रखी यह मांगें
- अमर गुफा की घटना की सीबीआई जांच हो।
- आगजनी और हिंसा की सीबीआई जांच हो।
- जितने लोग गिरफ्तार किए गए उनको बिना शर्त रिहा करें।
- राज्य सरकार प्रमोशन में भी आरक्षण लागू करे।
- जिसकी जितनी भागीदारी उसको उतनी हिस्सेदारी मिले।
- जातिगत जनगणना के बाद SC को 16 प्रतिशत आरक्षण मिले।
- न्यूनतम वेतन कम से कम 700 रुपए प्रतिदिन किया जाए।
- प्रदेश में निशुल्क शिक्षा और सामान शिक्षा व्यवस्था लागू हो।
- सभी अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों को पढ़ाया जाए।
- सरकारी संपत्ति का निजीकरण खत्म कर राष्ट्रीयकरण किया जाए।
- क्रीमी लेयर व्यवस्था को खत्म किया जाए।
- मुसलमानों, आदिवासियों की मॉब लॉन्चिंग प्रणाली को खत्म किया जाए।
- आवारा पशुओं के नाम पर आबंटित जमीन में गौ शाला बनाकर भेजा जाए, क्योंकि ज्यादातर दुर्घटना आवारा मवेशियों के कारण हो रही है।
- छत्तीसगढ़ में सामान्य वर्ग के लोग फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी कर रहे हैं। उसकी जांच कर भंडाफोड़ किया जाए।
- जाति प्रमाण-पत्र के 50 साल पुराना दस्तावेज मांगे जाते हैं, वो व्यवस्था खत्म की जाए।




