दुर्ग। जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत और बढ़ती कालाबाजारी के विरोध में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ियों की रैली निकालकर कलेक्टोरेट का घेराव किया और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध न होने पर प्रशासन को जमकर घेरा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खरीफ फसल की बुआई और रखरखाव के लिए यूरिया की सख्त जरूरत है, लेकिन किसानों को यह खाद न तो सहकारी समितियों में मिल रहा है और न ही तय दाम पर बाजार में उपलब्ध है। मजबूरन किसान 266 रुपए की यूरिया की बोरी को बाजार से 1000 से 2500 रुपए तक में खरीदने को विवश हैं।
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प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि किसानों को डीएपी खाद पहले ही समय पर नहीं मिला, जिससे उन्हें बाजार से महंगे दामों पर खरीदना पड़ा। अब यूरिया की जरूरत है, लेकिन समितियों में स्टॉक नहीं है। उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी खुलेआम हो रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
दो दिन में खाद आपूर्ति का आश्वासन
कलेक्टोरेट परिसर में कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन लेने पहुंचे कृषि विभाग के उप संचालक संदीप भोई ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लिखित में आश्वासन दिया कि आगामी दो दिनों के भीतर जिले की सभी सहकारी समितियों में यूरिया की आपूर्ति कर दी जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में जिले की 26 समितियों में यूरिया उपलब्ध नहीं है, लेकिन आपूर्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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15 दिन पहले दी थी जानकारी, नहीं हुई कार्रवाई
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि खाद संकट की आशंका को देखते हुए प्रशासन को 15 दिन पहले ही अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब हालत यह है कि किसान बुआई के महत्वपूर्ण समय में खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
दो दिन में नहीं सुधरे हालात तो होगा उग्र आंदोलन
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर सभी सहकारी समितियों में खाद की आपूर्ति नहीं की गई तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। कांग्रेस ने साफ कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




