कोरबा। कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र के ग्राम खोटखोर्री में एक मानवीय मिसाल देखने को मिली, जब 112 सेवा की त्वरित कार्रवाई और मितानिन की सूझबूझ से एक महिला का जंगल के बीच सुरक्षित प्रसव कराया गया। ग्राम खोटखोर्री निवासी संगीता कुजूर (22) पत्नी संदीप कुजूर को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने बिना समय गंवाए 112 कोबरा वाहन को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम, जिसमें चालक संजय कुमार और आरक्षक राम सिंह श्याम शामिल थे, तुरंत मौके पर पहुंची।
Read Also- छत्तीसगढ़ की पहली वेब सीरीज “सरकारी अफसर” की शूटिंग शुरू, युवाओं के संघर्ष की कहानी होगी पेश
संगीता को परिजनों और मितानिन प्रेमा बाई की मदद से 112 ईआरवी वाहन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरगा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में घने जंगल क्षेत्र में उनकी प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिजनों और मितानिन के आग्रह पर वाहन को रोका गया और मितानिन की देखरेख में उसी वाहन में सुरक्षित प्रसव कराया गया।
Read Also- राज्यपाल रमेन डेका का 14 अप्रैल को बीजापुर दौरा, विकास कार्यों की लेंगे समीक्षा
संगीता ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए मोरगा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर और स्वस्थ बताई गई। यह संगीता का पहला बच्चा है और उसकी नौ महीने की गर्भावस्था के बाद यह अप्रत्याशित स्थिति सामने आई। परिजनों ने संजीवनी बनी 112 की टीम, चालक संजय कुमार, आरक्षक राम सिंह श्याम और मितानिन प्रेमा बाई का दिल से आभार जताया। उन्होंने अस्पताल में मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
Read Also- गौतम गंभीर पहुंचे रायपुर, क्रिकफेस्ट 2025 का करेंगे भव्य उद्घाटन
गौरतलब है कि मितानिनों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से आपातकालीन स्थितियों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसका उपयोग इस घटना में बखूबी किया गया। हालांकि, जंगल में प्रसव के दौरान परिवार को जंगली जानवरों का भय भी सताता रहा, लेकिन 112 की तत्परता और मितानिन की समझदारी से सब कुछ सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।




