बिलासपुर। रेलवे कोचिंग डिपो में वंदे भारत ट्रेन के एसी की मरम्मत के दौरान हुए हादसे में झुलसे ठेका श्रमिक प्रताप बर्मन की सोमवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना शनिवार को हुई थी, जब वह ट्रेन की छत पर एसी का लीकेज सुधारते समय 133 केवी हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया था।
हादसे की पूरी कहानी
23 अगस्त को प्रताप बर्मन अपने साथी चरणदास मानिकपुरी के साथ ट्रेन की छत पर एसी की मरम्मत कर रहा था। बारिश होने पर दोनों नीचे उतर आए। लेकिन साइट इंचार्ज मीणा (सीनियर सेक्शन इंचार्ज) ने उन्हें दोबारा ऊपर चढ़कर काम पूरा करने को कहा।
चरणदास का कहना है कि जैमर (करंट बंद करने वाला यंत्र) को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी मीणा की थी। उनके कहने पर ही प्रताप छत पर गया। तभी अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई और प्रताप हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। करीब 10–15 मिनट तक वह छत पर पड़ा रहा। होश आने के बाद जैसे ही उठने की कोशिश की, उसे दोबारा करंट लगा और वह नीचे गिर गया। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रताप दर्द से कराहता दिखाई दे रहा है।
इलाज के दौरान दम तोड़ा
गंभीर रूप से झुलसे प्रताप को पहले रेलवे अस्पताल ले जाया गया, फिर सिम्स और बाद में अपोलो अस्पताल रेफर किया गया। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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लापरवाही का आरोप
सहकर्मियों का आरोप है कि काम के दौरान बिजली लाइन बंद नहीं की गई थी। बताया जा रहा है कि वंदे भारत ट्रेन के आने की वजह से बिजली सप्लाई चालू कर दी गई थी, लेकिन कर्मचारियों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। मृतक के साथियों का कहना है कि यह हादसा सीधे तौर पर अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा है।
केस दर्ज और जांच शुरू
पीड़ित के सहकर्मी की शिकायत पर सिरगिट्टी थाने में साइट इंचार्ज मीणा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, रेलवे प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की है।
रेलवे के सीनियर DCM अनुराग सिंह ने कहा- हादसा क्यों और कैसे हुआ, इसकी जांच सेफ्टी डिपार्टमेंट कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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