Chhattisgarh liquor scam case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में जेल में बंद रिटायर्ड IAS अफसर अनिल टुटेजा को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट ने उन्हें सख्त शर्तों के तहत जमानत दी, जिसमें पासपोर्ट जमा करना और सुनवाई के दौरान अदालत के साथ सहयोग करना शामिल है। हालांकि, शराब घोटाले के मामले में EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) द्वारा की जा रही जांच के कारण, टुटेजा को जमानत मिलने के बावजूद जेल से रिहाई नहीं मिल पाएगी।
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इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की बेंच में जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां ने की। कोर्ट ने यह भी कहा कि टुटेजा ने अब तक लगभग एक साल की सजा काट ली है, और इस मामले में 20 से अधिक आरोपी हैं, जबकि 30 से अधिक गवाहों का बयान लिया गया है। कोर्ट ने बताया कि टुटेजा को अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है, और इसी आधार पर उनकी जमानत मंजूर की गई है।
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Chhattisgarh liquor scam case: टुटेजा को जमानत मिलने के बाद उनके वकील ने राहत की सांस ली, हालांकि ED (प्रवर्तन निदेशालय) की ओर से इस जमानत के खिलाफ आपत्ति जताई गई थी। ED के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने टुटेजा पर आरोप लगाया कि वे एक वरिष्ठ अधिकारी रहते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त थे और गवाहों को प्रभावित करने में सक्षम थे।
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क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
Chhattisgarh liquor scam case: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला 2,000 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का मामला है, जिसमें रिटायर्ड IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट द्वारा घोटाला किया गया था। ED ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी, और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।




