रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सोमवार को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ विशेष न्यायालय में चौथा पूरक चालान दाखिल किया। इस चालान में कवासी लखमा की घोटाले में अहम और सक्रिय भूमिका को विस्तार से दर्शाया गया है।
ईओडब्ल्यू द्वारा पेश किया गया यह पूरक चालान करीब 1100 पन्नों का है, जिसमें से 66 पृष्ठों की समरी में पूरे प्रकरण का क्रमबद्ध ब्यौरा दिया गया है। दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर लखमा के खिलाफ लगाए गए आरोपों को मजबूत किया गया है।
घोटाले में लखमा की केंद्रीय भूमिका का दावा
चालान में यह उल्लेख किया गया है कि लखमा ने बतौर आबकारी मंत्री अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शराब कारोबार से जुड़े कई फैसलों में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप किया। आरोप है कि उनके संरक्षण में अवैध शराब बिक्री और उससे जुड़ी आर्थिक अनियमितताओं को बढ़ावा मिला, जिससे राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
जनवरी से जेल में बंद हैं कवासी लखमा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे दो बार पूछताछ की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 7 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लिया गया और फिर 21 जनवरी से न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
पहले उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर रखा गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 18 फरवरी तक कर दिया गया। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में सुरक्षा बलों की कमी के कारण उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी।
ईडी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त कार्रवाई
शराब घोटाले की जांच में अब तक कई अधिकारी, कारोबारी और बिचौलिए जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं। ईडी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त कार्रवाई के तहत अनेक छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई भी की जा चुकी है।




