रायगढ़। जिले में दीपावली पर्व करीब आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। ऐसे में रायगढ़ जिले में भी एक ही स्थान पर 70 से अधिक पटाखा दुकानों के संचालन की तैयारी चल रही है। हर साल दीपावली के दौरान इन दुकानों में भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस वर्ष विशेष सतर्कता बरतते हुए पटाखा दुकानों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी ब्लासियुज कुजूर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी पटाखा दुकान ज्वलनशील पदार्थों जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी या टेंट से नहीं बनाई जानी चाहिए। दुकानों का निर्माण अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड में किया जाए, ताकि आग लगने की स्थिति में जोखिम को कम किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य है और दुकानें एक-दूसरे के ठीक सामने नहीं लगाई जाएं। दुकानों में रोशनी के लिए तेल का लैम्प, गैस लैम्प या खुली बिजली की बत्ती का प्रयोग सख्त रूप से प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी करना पूर्णतः निषेध होगा।
सुरक्षा इंतज़ाम रहेंगे अनिवार्य
अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पटाखा दुकानों के आसपास ट्रांसफॉर्मर या हाईटेंशन बिजली लाइन नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता वाला DCP अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से रखा जाए। इसके अलावा हर दुकान के सामने 200 लीटर पानी से भरा ड्रम और रेत से भरी बाल्टियाँ भी उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
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पार्किंग और आपातकालीन व्यवस्था पर भी सख्ती
पटाखा दुकानों के सामने बाइक या कार पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ से बचने के लिए ग्राहकों को दुकानों के सामने रुकने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, परिसर के प्रमुख स्थानों पर अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन वाहन शाम 7 से रात 10 बजे तक स्टैंडबाई ड्यूटी पर उपलब्ध रहेगा, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके लिए दुकानों के बीच फायर टेंडर के आवागमन हेतु पर्याप्त स्थान भी छोड़ा जाना आवश्यक है।




